➤ शिमला में दोपहर बाद झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहावना
➤ पांच जिलों में ओलावृष्टि, आंधी और तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी
➤ अगले छह दिन तक प्रदेश में बारिश, तापमान 3 डिग्री तक गिरेगा
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राजधानी शिमला में गुरुवार दोपहर करीब पौने एक बजे शुरू हुई तेज बारिश ने पूरे शहर का मौसम बदल दिया। बारिश इतनी तेज रही कि शहर की कई सड़कों पर पानी जमा हो गया और सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं। भारी बारिश के चलते पर्यटकों से भरा रहने वाला ऐतिहासिक रिज मैदान भी कुछ ही देर में खाली हो गया। लोग बारिश से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर जाते दिखाई दिए।
शिमला के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी पिछले 24 घंटे के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। खदराला में 7.0 मिलीमीटर, जोत में 5.0 मिलीमीटर, कोटखाई में 3.3 मिलीमीटर और मंडी में 0.8 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। हालांकि मनाली समेत राज्य के कई इलाकों में मौसम साफ बना हुआ है और धूप खिली हुई है, जिससे पर्यटक सुहावने मौसम का आनंद ले रहे हैं।
मौसम विभाग ने प्रदेश के पांच जिलों कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर के लिए बारिश के साथ आंधी, तूफान और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में तेज हवाओं की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। खराब मौसम के चलते लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले छह दिनों तक मौसम खराब बना रहेगा। इस दौरान अधिकांश जिलों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि लगातार बारिश के कारण प्रदेश के तापमान में सामान्य से करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है।
मौसम विभाग ने 5 जून को किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में आंधी और तूफान का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 6 जून को चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों में भी खराब मौसम की चेतावनी दी गई है। विभाग ने किसानों और बागवानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि ओलावृष्टि फसलों और बागवानी को नुकसान पहुंचा सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि 7 जून से 9 जून तक भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। लगातार बदलते मौसम के कारण पहले से ही सामान्य से नीचे चल रहा अधिकतम तापमान और कम हो सकता है। इससे पर्यटन स्थलों पर मौसम और अधिक सुहावना हो जाएगा तथा प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है।



